पुस्तक समीक्षा – संगीत भावनामृत

Raajeev Shrivaastav  पुस्तक समीक्षा – शंकर-जयकिशन  * भारतीय सिनेमा में गीत-संगीत फ़िल्म में प्राण वायु के समान हैं। ‘आलम आरा’ (1931) से जब हिन्दी सिनेमा ने पहली बार बतियाना प्रारम्भ किया था तब से ही उसने गीत गाना भी प्रारम्भ कर दिया था। अपने उद्भव के प्रथम दशक में ही सिने गीत-संगीत की प्रथम महत्वपूर्ण… Read More पुस्तक समीक्षा – संगीत भावनामृत