हमारी याद आएगीः और देश भर में गूंजने लगा शंकर का गुनगुनाना

‘बरसात’ (1949) रिलीज हुई तो इसके संगीत ने देश भर में धूम मचा दी और सिनेमा- संगीत को एक नया मोड़ मिला। ‘बरसात’ में आठ लोगों की मेहनत थी और उनमें से कोई भी उम्र के 30 वें पायदान तक नहीं पहुंचा था। इनमें से हसरत और शंकर की उम्र सबसे ज्यादा 27-27 साल थी… Read More हमारी याद आएगीः और देश भर में गूंजने लगा शंकर का गुनगुनाना

शंकर, बिन जयकिशन

आलेख   शशांक दुबे आज दो फूलों की खुशबू से महक उठा चमन गुनगुनाती हैं फिज़ाएं रक्स करती है पवन है कली कली के लब पे नगमा है मुबारकबाद का बन गए भारत में पद्मश्री शंकर-जयकिशन (महान संगीतकार नौशाद द्वारा शंकर-जयकिशन को 1967 में पद्मश्री प्रदान किए जाने के अवसर पर दी गई काव्यमय बधाई) जगहः… Read More शंकर, बिन जयकिशन

महान संगीत तपस्वी और जिंदादिल इंसान … ‘शंकरसिंह रामसिंह रघुवंशी’ !!!

इस लेख के लेखक सुधाकर शहाणे   २५ अप्रैल १९८७ की शाम, स्टुडिओ से घर लौटते वक़्त शंकर जी ने अपने एक तबला और ह्रिदम बजाने वाले साथी चंद्रकांत भोसले (जो शंकर जी के १९४५ से करीबी थे,उन्हीके अनुसार ) को चर्नीरोड स्टेशन पर छोड़ा था … शंकर जी आगे बढ़ गये … और भोसले अपने… Read More महान संगीत तपस्वी और जिंदादिल इंसान … ‘शंकरसिंह रामसिंह रघुवंशी’ !!!

Shankar, A Hero

This feature by Lakshmi K. Tummala Who is a hero? A person with outstanding achievements. Shankar fits the image perfectly. In a shortest span of time, he, with his music partner Jaikishan, has achieved more than any in the music industry. The vast body of work, the innumerable genres and the huge variety in composition… Read More Shankar, A Hero